Sunday, March 3, 2024

तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) का लाइफ स्कैन।

पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए। जिसमें दक्षिण भारत के एक राज्य तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिला है। अब कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के लिए रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) का को मुख्यमंत्री बनाया गया है। रेवंत रेडी ने कांग्रेस पार्टी को तेलंगाना में चुनाव जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके द्वारा बनाई गई रणनीति के कारण ही कांग्रेस पार्टी ने सत्तारूढ़ पार्टी ‘भारत राष्ट्र समिति’ (पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति) को हराकर पहली बार तेलंगाना राज्य में सरकार बनाने का अवसर प्राप्त किया।

रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) तेलंगाना राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे। 2013 में तेलंगाना राज्य के गठन के बाद से के चंद्रशेखर राव दो बार तेलंगाना राज्य का मुख्यमंत्री बन चुके हैं। अब रेवंत रेड्डी तेलंगाना राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे। कौन हैं रेवंत रेड्डी आईए जानते हैं…

रेवंथ रेड्डी का लाइफ स्कैन

  • रेवंत रेड्डी का पूरा नाम अनुमुला रेवंत रेड्डी है।
  • उनका जन्म 8 नवंबर 1969 को तेलंगाना के महबूबनगर जिले के कोंडारेड्डीपल्ली गाँव में हुआ था।
  • वर्तमान में उनकी आयु 54 साल है।
  • उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी के ए वी कॉलेज से कला में स्नातक की डिग्री यानी बैचलर ऑफ आर्ट (BA) की डिग्री पास की है।
  • रेवंथ रेड्डी के परिवार में उनकी पत्नी गीता तथा एक बेटी निमिषा है। उनकी पत्नी गीता पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी की भतीजी हैं। जयपाल रेड्डी कांग्रेस की कई सरकारों मे मंत्री रह चुके हैं और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।

रेवंथ रेड्डी का राजनीतिक करियर

रेवंथ रेड्डी शुरू से ही कांग्रेस में नहीं रहे हैं। वह कांग्रेस पार्टी में 2018 में शामिल हुए थे।

उनका आरंभिक राजनीतिक जीवन छात्र रहते हुए आरंभ हुआ था, जब वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य थे। उन्होंने 2006 में उन्होने सक्रिय राजनीति में अपनी शुरुआत की और उन्होंने आपके विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के मेंबर के रूप में लंबे समय तक कार्य किया। यानी उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी रहा।

रेवंथ रेड्डी ने 2006 में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मिडजिल मंडल से ZPTC सदस्य के रूप में चुने गए। फिर 2007 में वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद में एमएलसी बनकर भी पहुंचे।

2009 में उनकी मुलाकात चंद्रबाबू नायडू से हुई और वह तेलुगू देशम पार्टी (TDP) में शामिल हो गए। 2009 में उन्होंने टीडीपी उम्मीदवार के रूप में कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र से आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए विधायक चुने गए।

2014 के विधानसभा चुनाव में भी वह कोडंगल सीट से दोबारा टीडीपी के टिकट पर विधायक चुने गए और इस बार तेलंगाना विधानसभा पहुंचे क्योंकि 2013 में तेलंगाना राज्य का गठन हो चुका था और उनकी सीट तेलंगाना राज्य में आ गई थी।

अब तेलंगाना विधानसभा में तेलुगु देशम पार्टी के फ्लोर लीडर बन चुके थे, लेकिन अक्टूबर 2017 में टीडीपी ने उन्हें तेलंगाना राज्य के टीडीपी पार्टी के फ्लोर लीडर पद से हटा दिया।

2015 में वह एक भ्रष्टाचार के आरोप में भी फंसे और उन्हें जेल की सजा हुई उनकी गिरफ्तारी तब हुई, जब उनकी इकलौती बेटी निमिषा की शादी हो रही थी। किसी तरह हमें थोड़े समय के लिए जमानत मिली और वह अपनी बेटी की शादी में शामिल हो पाए।

चंद्रशेखर राव की पार्टी द्वारा उनके खिलाफ एक्शन आदि लेने के कारण और भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें कथित रूप से फंसाने के कारण उन्होंने संकल्प लिया था कि वह चंद्रशेखर राव को सत्ता से हटकर ही रहेंगे।

अक्टूबर 2017 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन कर दिया 2018 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर कोडंगल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार वह टीआरएस उम्मीदवार से चुनाव हार गए। यह किसी भी चुनाव में उनकी पहली हार थी।

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मल्काजगीरी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया और वह इस बार लोकसभा चुनाव जीतकर भारत की लोकसभा में पहली सांसद बनकर पहुंचे।

जून 2021 में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया। तब से वह निरंतर कांग्रेस पार्टी के लिए काम करते रहे उन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए नई रणनीति बनाई। उनकी रणनीतियों के कारण ही कांग्रेस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तेलंगाना विधानसभा में तेलंगाना विधानसभा के चुनाव में 64 सीटों पर दर्ज की और सरकार बनाने का अवसर प्राप्त किया।

अब वह तेलंगाना राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे। चंद्रशेखर राव दो बार तेलंगाना के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

आश्चर्य की बात ये है कि रेवंत रेड्डी जो तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं, वह खुद अपना विधानसभा चुनाव भी हार चुके है। रेवंत रेड्डी को नार्थ तेलंगाना सीट पर बीजेपी के वेंकट रमन्ना रेड्डी से चुनाव हार चुके हैं। इसी सीट पर तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी चुनाव हार गए। यानि वेंकट रमन्ना रेड्डी ने तेलंगाना के पूर्व और भावी मुख्यमंत्री दोनों को हराया।

हालाँकि रेवंत दो सीटों से चुनाव लड़े थे। वह परपंरागत सीट कोडंगल पर भी चुनाव लड़े थे। जिस पर वह 2009 और 2013 में विधानसभा चुनाव जीते थे और 2018 में चुनाव हार चुके हैं।


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