Sunday, March 3, 2024

ये 6 बातें अपनाकर बढ़ती हुई तोंद घटाएं, अपने को बिल्कुल फिट पाएं।

आजकल की अनियमित जीवनशैली के कारण लोग बढ़ती हुई तोंद से परेशान रहते हैं। यहाँ कुछ ऐसे तरीके हैं, जिन्हे अपनाकर आप अपनी बढ़ती हुई तोंद (Belly Fat) को घटाकर उससे छुटकारा पा सकते हैं। 

तोंद से छुटकारा: छह बातें जो पेट की चर्बी कम करने में मदद करती हैं। (Belly fat)

लोग कहते हैं कि सब कुछ ठीक है, लेकिन यह जो तोंद है यह जो पेट पर चर्बी बन गई है, यह कम नहीं होती। इस बात में कोई संदेह नही कि बढ़ती हुई तोंद यानि बैली फैट आजकल हर व्यक्ति की समस्या बन गई है विशेषकर बढ़ती उम्र के साथ तोंद का बढ़ना बेहद आम हो गया है।

एक पुरुष की कमर का साइज 40 से अधिक होना और स्त्री की कमर का साइज 35 से अधिक होना शरीर पर बढ़ रही चर्बी का निशान है और सेहत पर खतरे का सूचक है।

यहाँ आपको कुछ ऐसे उपाय बताएं जा रहे हैं कि आप अपनी बढ़ती तोंद को बढ़ने से रोक सकते हैं और अगर आपकी तोंद बढ़ गई है तो इन उपायों को आजमाकर आप अपने पेट की चर्बी को घटाकर तोंद को कम कर सकते हैं और फिट रह सकते हैं।

नियमित रूप से भरपूर पानी पिएं

नियमित रूप से पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा होता है। सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी एक बोतल या दो गिलास दो से तीन गिलास गुनगुना पानी पीने से न केवल पेट साफ होता है, बल्कि यह शरीर की अतिरिक्त चर्बी को गलाने का भी कार्य करता है। इसलिए सुबह उठते ही सबसे पहले हल्का गुनगुना सादा पानी पिएं।

गरम पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है। मेटाबोलिज्म बढ़ाने से शरीर में जो भी फैट जमा होता है, वह पिघलने लगता है और धीरे-धीरे वह फैट कम होने लगता है।

गर्म पानी पीने से पाचन शक्ति भी बेहद दुरुस्त रहती है। इसीलिए सुबह उठते ही सबसे पहले हलका गुनगुना पानी पिएं। कम से कम दो गिलास और ज्यादा हो सके तो 3 या 4 गिलास तक पानी पी सकते हैं। यह आप अपनी क्षमता के अनुसार निर्धारित कर सकते हैं।

हमेशा पेट भर पानी पीने के बाद ही शौच के लिए जाएं। जिससे सुबह-सुबह ही आपका अच्छे से पेट साफ हो जाएगा। पेट अच्छे से साफ होगा तो अंदर जो कई दिनों का पुराना मल पड़ा हुआ है, वो बाहर आएगा। इससे पेट कम होगा।

प्रोटीन का अधिक से अधिक सेवन करें

प्रोटीन शरीर के लिए बेहद आवश्यक है जोकि शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाने में सहायक होता है। अभी तक अनेक साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार प्रोटीन एक ऐसा माइक्रो न्यूट्रिएंट है जो बहुत धीरे-धीरे पचता है। धीरे-धीरे पचने के कारण आपको पेट भरा हुआ होने का एहसास होता है। इसलिए आपको बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती।

इसलिए प्रोटीन वाले पदार्थ खाने से पेट की चर्बी और बढ़ी हुई चर्बी को घटाने में मदद मिलती है। प्रोटीन वाले पदार्थ प्रोटीन का डाइट बढ़ाने के लिए प्रोटीन पाउडर का उपयोग करने की कोई जरूरत नहीं। यह बिल्कुल भी ठीक नहीं बल्कि हर तरह की दाल, ओट्स, सोयाबीन, राजमा, डेयरी पदार्थ जैसे पनीर, दूध, दही, घी आदि में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है।

हमेशा शाकाहारी पदार्थ से बने प्रोटीन का ही इस्तेमाल करें। शाकाहारी पदार्थ में पाए जाने वाला प्रोटीन को शेयर जल्दी ऑब्जर्व कर लेता है और यह सेहत के लिए ज्यादा अच्छा होता है। अपने दिन की तीनों डाइट यानी ब्रेकफास्ट लंच और डिनर दोनों में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन डाइट को शामिल करें

शुगर का प्रयोग करना बिल्कुल बंद करें

सफेद चीनी स्वास्थ्य के लिए धीमे जहर के समान है। इसीलिए संभव हो सके तो सफेद चीनी का प्रयोग करना बिल्कुल भी बंद कर दें। मीठा के विकल्प के तौर पर गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सफेद प्रोसैस्ड चीनी का प्रयोग बंद करना आपकी तोंद को घटाने में मदद करेगा।

किसी भी तरह की मिठाई से भी परहेज करें। हलवाइयों के यहां जो भी मिठाई बनाई जाती हैं, वह उसमें बड़ी मात्रा में सफेद शक्कर डाली जाती है। यह सारी मिठाइयां सेहत के लिए ठीक नहीं होती। जलेबी, पेस्ट्री, बिस्किट, गुलाब जामुन, रसगुल्ला आदि सारी मिठाइयां खाना बिल्कुल बंद करें।

तले पदार्थों से परहेज करें

किसी भी तरह के तले हुए पदार्थों से जैसे समोस, कचौड़ी, पकौड़े, पूरी, छोले भठूरे से बिल्कुल परहेज करे। ये तले पदार्थ खाना या बिल्कुल बंद करें या बहुत इच्छा होने पर कभी-कभार खाना ही चुनें।

एक ही तेल में बार-बार खाने को न पकाएं। रिसर्च के मुताबिक तेल का बार-बार इस्तेमाल करने से त्रांस फैट बनने लगते हैं। ट्रांस फैट आर्टिरीज को ब्लॉक करने लगता है। इसलिए कई तले खाने जैसे टिक्की, समोसा, पकोड़े, पूरी और भटूरे को खाने से बचे करते हैं।

कच्ची घानी के शुद्ध तेल में पकाया खाना। गाय के दूध से बने देसी घी का एक चम्मच सब्जी के ऊपर डालकर खाएं। रिसर्च के मुताबिक देसी घी में नेचरली CLA होता है। शुद्ध कच्चे देसी घी को जब किसी खाने के पदार्थ विशेषकर सब्जी के ऊपर डाला जाता है तो वह उस सब्जी में ग्लिाइसेमिक इंडेक्स को कम कर देता है। ग्लिाइसेमिक इंडेक्स कम होने से ब्लड शुगर बढ़ती नहीं है और इंसुलिन भी स्पाइक नहीं होता। इस कारण बहुत अधिक फैट नहीं बनता है, इसलिए खाना खाते समय अपनी सब्जी में एक चम्मच कच्चा गाय का देसी घी डालकर खाएं।

मैदे से बने खाने को खाने से बच्चे और खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

अपने खाने में मैदे से बने पदार्थों को बिल्कुल भी बंद कर दें और पूरा खाना खाएं। पूरा खाना खाने से मतलब जूस की जगह फल खाएं, मैदे की जगह चोकर वाला आता खाएं। मोटे अनाज को प्राथमिकता दें। अनाज बदल-बदल कर खाएं।

केवल गेहूं की रोटी खाना ही सेहत के लिए ठीक नहीं होता। कई तरह के अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, मकई, रागी सभी तरह के अनाजों की रोटियां बारी-बारी से बदल-बदल कर खाएं।

केवल रोटियां ही नहीं बल्कि अपनी डाइट में कभी ओट्स कभी बेसन का चीला, कभी डोसा, कभी चावल इस तरह बदल बदल कर अपनी डाइट में वैराइटी लाएं। इससे आपके शरीर को हर तरह के पोषक तत्व मिलेंगे और फाइबर वाला खाना अधिक मात्रा में लेने से शरीर में फैट बनना बंद होगा।

रात में खाना हमेशा जल्दी खाएं और हल्का खाना खाएं

देर रात को खाना खाना शरीर की सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता। जितना संभव हो 5 से 7 बजे के बीच तक अपना डिनर कर लें। यह भी ध्यान रखें कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले अपना डिनर कर लेना चाहिए। दरअसल रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म काफी कम हो जाता है जिससे शरीर खाने को ठीक तरह से पच नहीं पाता। इसीलिए शाम 7 बजे से पहले हल्का खाना खा ले।

ध्यान रखें शाम को जो भी खाएं वह हल्का-फुल्का खाना हो। बहुत भारी भरकम डाइट बिल्कुल भी ना लें। यदि आपको रात में 7 बजे के बाद हल्की भूख का एहसास हो तो और कंट्रोल ना हो तो किसी सब्जी आदि का सूप ले सकते हैं। लेकिन रात में भारी भरकम खाना और देर रात डिनर लेना बिल्कुल भी बंद कर दें।

शाम 7 बजे तक खाना खा लेने के बाद कुछ भी ना खाएं और अगली डाइट सुबह 8 से 9 के बीच में लें। इस तरह शरीर को 15-16 घंटे का आराम मिल जाता है और शरीर अपनी डैमेज सेल्स की रिपेयरिंग कर लेता है और उस शरीर की इंसुलिन भी कंट्रोल में रहती है, जो कि शरीर की चर्बी को घटाने में मदद करती है।

रात को खाना खाने और सुबह के ब्रेकफास्ट के बीच 15-16 की घंटे का फास्ट रखना एक बहुत ही कॉमन और प्रभावी उपाय है जो कि हमारे भारतीय समाज में काफी समय से प्रचलन में रहा है।

हमारे गाँवों में देखा गया है कि गाँव के लोग अधिकतर शाम 6-7 बजे तक ही खाना खा लेते थे और फिर सुबह 8 बजे ही नाश्ता करते थे।

तो इस तरह इन उपायों यानि अपनी खान-पान की शैली में ये बदलाव करके आप बढ़ती हुई तोंद को बढ़ने के रोक सकते हैं और अपनी शरीर की चर्बी को कम कर सकते हैं।

Disclaimer
ये सारे उपाय इंटरनेट पर उपलब्ध तथा विभिन्न पुस्तकों में उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किए गए हैं। कोई भी उपाय करते समय अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें। इन्हें आम घरेलू उपायों की तरह ही लें। इन्हें किसी गंभीर रोग के उपचार की सटीक औषधि न समझें।

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