Thursday, February 22, 2024

ब्राउन राइस और व्हाइट राइस में क्या अंतर है? कौन सा चावल सेहत के लिए बेहतर है?

सफेद चावल तो सभी खाते हैं, लेकिन ब्राउन राइस का ट्रेंड भी आजकल बहुत चल रहा है। सामान्य चावल और ब्राउन राइस में क्या अंतर (Brown rice vs white rice) है, समझते हैं… 

ब्राउन राइस और व्हाइट राइस (Brown rice vs white rice)

आजकल ब्राउन राइस को खाने का प्रचलन बेहद बढ़ चला है। सफेद चावल के नुकसान बताकर ब्राउन राइस खाने की सलाह अक्सर कई हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी जाती रही है। सोशल मीडिया पर ब्राउन राइस के अनेक फायदे बताए गए हैं। हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर वगैरा पहले से ही सफेद चावल के नुकसान बताते रहे हैं।

सफेद चावल के नुकसानों को बताकर ब्राउन राइस के फायदों और अधिक हाईलाइट किया जाने लगा है। ऐसे में हमें यह जानना हो हो जाता है कि हमारी सेहत के लिए ब्राउन राइस खाना बेहतर है अथवा व्हाइट राइस खाना बेहतर है। उससे पहले हम यह समझ लेते हैं कि ब्राउन राइस आखिर होता क्या है और व्हाइट राइस यानि सफेद चावल क्या है?

ब्राउन राइस क्या है?

ब्राउन राइस के बारे में सबसे पहले यह जान ले कि यह कोई विशेष तरीके से उगाया उगाया गया चावल नहीं है। बल्कि यह वही सामान्य चावल है जो सामान्य रूप से पाया जाता है। ब्राउन राइस की सबसे मुख्य खासियत यह होती है कि इसको रिफाइंड नहीं किया जाता यानी चावल का प्रसंस्करण करते समय उस की भूसी ऊपर से उतारी नहीं जाती। इस कारण ब्राउन राइस में अधिक पोषक तत्वों की मात्रा होती है।

चूँकि ब्राउन राइस के ऊपर से उसकी भूसी नहीं उतारी जाती इसलिए वह भूरे रंग का दिखता है। इसी कारण उसे ब्राउन राइस कहते हैं। आमतौर पर चावल के दानों को उसकी फसल से अलग करते समय चावल के धान में से चावल निकालते समय उसकी रिफायनिंग की जाती है और पॉलिशिंग की जाती है। इस प्रक्रिया में चावल के ऊपर से उसकी भूसी यानी धान के छिलके उतार लिए जाते हैं। फिर जो चावल तैयार होता है वह सफेद चावल कहलाता है। जिसके छिलके पूरी तरह नही उतारे जाते हैं और उन पर भूसी लगी रह जाती है तथा उन दानों की पॉलिशिंग नही की जाती है, वह ही ब्राउन राइस बनता है।

इस चावल की प्रोसेसिंग करते समय चावल के धान के छिलके पूरी तरह नही उतारे जाते हैं। इसलिए इन चावल के छिलकों में पोटेशियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन, फास्फोरस जैसे मिनरल की मात्रा सफेद चावल के मुकाबले अधिक पाई जाती है। इसीलिए एक्सपर्ट ब्राउन राइस को खाने की सलाह देते हैं और आजकल सेहत के नाम पर ब्राउन राइस खाने की सलाह देने वाले बातें अनेक लोगों द्वारा सुनी जाती हैं।

लेकिन हमें ब्राउन राइस के फायदे और नुकसान तथा सफेद चावल के फायदे एवं नुकसान दोनों के बारे में जान लेना चाहिए। यह जरूरी नहीं कि हमेशा ब्राउन राइस हमेशा सबके लिए फायदेमंद ही हो और इसे  खाना सेहत के लिए अच्छा ही हो और यह भी जरूरी नहीं कि सफेद चावर हमेशा नुकसानदायक ही होता है। इसलिए भूरा चावल यानि ब्राउन राइस तथा सफेद चावल यानि व्हाइट राइस के फायदे एवं नुकसान के बारे में जानते हैं…

ब्राउन राइस खाने के फायदे

ब्राउन राइस मानव शरीर के ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। इसको खाने से ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ता। इसीलिए ब्राउन राइस को व्हाइट राइस की तुलना में खाना अधिक फायदेमंद बताया जाता है।

ब्राउन राइस में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा व्हाइट राइस के मुकाबले अधिक पाई जाती है, जिससे यह शरीर की हड्डियों के लिए एक अच्छा स्रोत है।

ब्राउन राइस में फाइबर की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। ब्राउन राइस को खाने से पेट को भरा होने का एहसास होता है और इसलिए कम मात्रा में खाया जाता है, जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है।

ब्राउन राइस में प्रोटीन की मात्रा भी व्हाइट राइस के मुकाबले अधिक पाई जाती है। ब्राउन राइस को खाने से स्ट्रेस लेवल कम होता है और यह दिल के लिए भी बेहद अच्छा होता है।

ब्राउन राइस हमारे शरीर में पढ़ने वाले कोलस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है। इसमें फाइबर अधिक मात्रा में होने के कारण यह खाने को धीरे-धीरे पचाता है, जिससे भूख कम लगती है। इससे वेट लॉस में मदद मिलती है।

ब्राउन राइस खाना डायबिटीज के लोगों के लिए भी बेहद अच्छा है जो रोगी टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित हैं, उन्हें अपने डायबिटीज को कंट्रोल करने में ब्राउन राइस मदद करता है। ब्राउन राइस में फाइबर प्रोटीन फाइटोकेमिकल और मिनरल की पर्याप्त मात्रा पाए जाने के कारण यह डायबिटीज में बेहद लाभकारी है। यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है।

ब्राउन राइस वेट लॉस यानी वजन को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद होता है। ब्राउन राइस हड्डियों को दुरुस्त करने के लिए बेहद फायदेमंद है, इसमें मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, इसी कारण बोन मिनरल डेंसिटी को बढ़ाने में यह मदद करता है।

ब्राउन राइस खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है क्योंकि इसमें विटामिन पाया जाता है जो एक एंटीऑक्सीडेंट का कार्य करता है। इसका सेवन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है।

हृदय के लिए ब्राउन राइस फायदेमंद होता है क्योंकि इसको खाने से हृदय रोग की संभावना कम होती है। अस्थमा जैसे रोगों में भी ब्राउन राइस फायदेमंद होता है।

बाउन राइस के नुकसान

ब्राउन राइस के कुछ नुकसान भी हैं। ब्राउन राइस हर किसी के खाने योग्य नहीं होता। इसको लगातार इसका सेवन करने से बहुत से लोगों को समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

ब्राउन राइस उन लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है, जिनको पाचन संबंधी समस्याएं हैं क्योंकि यह शीघ्रता से डाइजेस्ट नहीं होता। यह बहुत देर तक पेट के अंदर रहता है और धीरे-धीरे पचता है, इसमें प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है जिससे कब्ज जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

ब्राउन राइस में साइट्रिक एसिड नमक एक कंपाउंड पाया जाता है जो शरीर में मिनरल को आसानी से शोषित नहीं होने देता।

ब्राउन राइस में फोलिक एसिड बहुत कम मात्रा में होता है, जबकि सफेद चावलों में फोलिक एसिड ठीक-ठाक मात्रा में होता है। फोलिक एसिड शरीर के लिए अच्छा माना जाता है और जरूरी ब्राउन राइस को खाने से शरीर के लिए आवश्यक फोलिक एसिड नहीं मिल पाता।

ब्राउन राइस को पकने में अधिक समय लगता है, इसलिए जो रोज चावल खाने के आदी हैं। उनके लिए यह एक परेशानी वाला काम भी हो सकता है।

ब्राउन राइस का स्वाद भी आम चावलों के स्वाद के मुकाबले अलग होता है, जिन्हें सफेद चावल खाने की आदत है वह ब्राउन राइस के स्वाद को शायद पसंद ना करें।

सफेद चावल क्या है?

सफेद चावल एक प्रकार का चावल है जो भूरे चावल को छीलकर और चोकर और बीजों को हटाकर बनाया जाता है। यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में से एक है और भारत और कई एशियाई देशों में मुख्य भोजन के रूप में खाया जाता है। सफेद चावल एक अच्छा कार्बोहाइड्रेट स्रोत है और इसमें कुछ पोषक तत्व भी होते हैं, जैसे कि विटामिन बी1, विटामिन बी3 आदि।

हालांकि, सफेद चावल भूरे चावल की तुलना में कम पोषक तत्वों से भरपूर होता है, क्योंकि छीलने और चोकर को हटाने से कुछ पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. सफेद चावल के कुछ फायदे इस प्रकार हैं…

  • यह एक अच्छा कार्बोहाइड्रेट स्रोत है और इसमें कुछ पोषक तत्व होते हैं। सफेद चावल इंस्टेंट एनर्जी का एक अच्छा स्रोत हैय़ सफेद चावल में कार्बोहाइड्रेट की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन करने से तुरंत पर्याप्त ऊर्जा मिलती है इसीलिए सफेद चावल इंस्टेंट एनर्जी देने का कार्य करता है।
  • सफेद चावल चूँकि ग्लूटेन फ्री होता है, इसीलिए यह ग्लूटेन से एलर्जी की समस्या वाले लोगों के लिए एक अच्छा आहार स्रोत है। सफेद चावल में ग्लूटेन नहीं पाया जाता, सफेद चावल सुपाच्य होता है। यह बहुत जल्दी पच जाता है। हमारे पाचन तंत्र के लिए यह एक सुपाच्य पदार्थ है। कब्ज की समस्या से परेशान लोगों के लिए सफेद चावल एक अच्छा भोजन है।
  • सफेद चावल ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है तथा इसके अलावा दिल की बीमारियों में भी यह फायदेमंद होता है।
  • सफेद चावल में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो मानव शरीर को फ्री रेडिकल से बचाते हैं।
  • सफेद चावल में पोटेशियम, मैग्नीशियम और पोषक तत्व पाए जाते हैं।
  • यह एक किफायती भोजन है और इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।
  • यह एक बहुमुखी भोजन है और इसे कई तरह से खाया जा सकता है।
  • यह एक ऊर्जा का अच्छा स्रोत है और इसे वर्कआउट के बाद खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।

सफेद चावल के कुछ नुकसान

  • यह एक ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला भोजन है, जिसका मतलब है कि यह रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है। सफेद चावल डायबिटीज के रोगों के लिए बेहद नुकसानदायक है। सफेद चावल का अधिक सेवन करने से डायबिटीज के खतरे की संभावना बढ़ती है। जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज है, उन्हें सफेद चावल का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • सफेद चावल में कार्बोहाइड्रेट बड़ी मात्रा में पाया जाता है। ये वजन बढ़ाता है। सफेद चावल का ज्यादा सेवन करने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है। यह मोटापा बढ़ाने का कार्य करता है। सफेद चावल का अधिक सेवन करने से वजन बढ़ता है और मोटापे की समस्या पैदा हो सकती है।
  • यह एक लो फाइबर वाला भोजन है, जिसका मतलब है कि यह पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • यह एक अनाज है, जो गैर-जैविक होता है।
  • यह एक ग्लूटेन युक्त भोजन है, जो ग्लूटेन से एलर्जी वाले लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • यदि आप सफेद चावल खाते हैं, तो इसे सीमित मात्रा में खाना और इसे अन्य स्वस्थ खाद्य पदार्थों के साथ मिलाना महत्वपूर्ण है. आप सफेद चावल को भूरे चावल, ज्वार, बाजरा या quinoa जैसे अन्य स्वस्थ अनाज के साथ बदल सकते हैं.

यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप सफेद चावल को स्वस्थ तरीके से कैसे खा सकते हैं।

  • इसे सीमित मात्रा में खाएं
  • इसे अन्य स्वस्थ खाद्य पदार्थों के साथ मिलाएं, जैसे कि सब्जियां, प्रोटीन और साबुत अनाज।
  • इसे बिना किसी अतिरिक्त चीनी या वसा के पकाएं।
  • इसे एक स्वस्थ भोजन के हिस्से के रूप में खाएं, जैसे कि एक अच्छी तरह से संतुलित भोजन के साथ.

यदि आप सफेद चावल खाते हैं, तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप इसे स्वस्थ तरीके से खा रहे हैं ताकि आप इसके नुकसान से बच सकें.

निष्कर्ष

यहाँ पर हमने ब्राउन राइस और व्हाइट राइस दोनों के फायदे और नुकसानों के बारे में जाना। अंत में निष्कर्ष यह निकलता है कि ब्राउन राइस अधिक पौष्टिक तथा सेहत के लिए अधिक अच्छा है, लेकिन कुछ मामलों में ब्राउन राइस सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

इसके अलावा ब्राउन राइस एक महंगा आहार है। ये सफेद चावल के मुकाबले महंगा आता है। इस कारण हर कोई इसे अपना नियमित भोजन नहीं बना सकता। ब्राउन राइस हर जगह आसानी से उपलब्ध भी नहीं होता है। सफेद चावल का बुद्धिमानी से प्रयोग करें।

उसे सहायक भोजन के रूप में सीमित मात्रा में प्रयोग करें और कभी-कभी ब्राउन चावल को अपने आहार में शामिल करके अपनी सेहत को एक नया बूस्ट दे सकते है।

Post topic: Brown Rice Vs White Rice

Disclaimer
ये सारे उपाय इंटरनेट पर उपलब्ध तथा विभिन्न पुस्तकों में उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किए गए हैं। कोई भी उपाय करते समय अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें। इन्हें आम घरेलू उपायों की तरह ही लें। इन्हें किसी गंभीर रोग के उपचार की सटीक औषधि न समझें।

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