Sunday, March 3, 2024

दिसंबर 2023 महीने में ये व्रत-त्योहार आने वाले हैं, जान लीजिए।

हर महीने कोई ना कोई व्रत-त्योहार आते है। दिसंबर 2023 (Vrat-Tyohar December 2023) के महीने में कौन-कौन से व्रत त्यौहार आने वाले हैं, वह सब जान लें…

कालाष्टमी/कालभैरवी जयंती

5 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि)

5 दिसंबर 2023 को कालाष्टमी है। इसी काल भैरव जयंती के नाम से भी जाना जाता है। कालाष्टमी एक एक मासिक अष्टमी व्रत है जो हर महीने अष्टमी के दिन मनाया जाता है।

इसी दिन काल भैरव जयंती भी है। काल भैरव भगवान शिव के रौद्र रूप माने जाते हैं। काल भैरव जयंती के दिन काल भैरव की पूजा-अर्चना की जाती है।


उत्पन्ना एकादशी

8 दिसंबर 2023  (मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि)

उत्पन्ना एकादशी भगवान विष्णु के लिए समर्पित एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन श्री हरि नारायण भगवान विष्णु का व्रत करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और पापों का क्षय होता है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। उत्पन्ना एकादशी हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है।


प्रदोष व्रत

10 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि)

10 दिसंबर को प्रदोष व्रत होता है। ये प्रदोष व्रत दिसंबर माह का पहला प्रदोष व्रत है, क्योंकि दिसंबर माह में दूसरा प्रदोष व्रत 26 दिसंबर 2023 को पड़ेगा।

प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा आराधना की जाती है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सूर्यास्त के बाद शिवलिंग का जिला अभिषेक किया जाता है। ऐसी मान्यता है की शिवलिंग का जलाभिषेक करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


मासिक शिवरात्रि

11 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि)

हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस महीने मासिक शिवरात्रि 11 दिसंबर 2023 को पड़ रही है। इस दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। मासिक शिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। शिव पुराण के वरना अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती परिणय सूत्र में बंधे थे।


मार्गशीर्ष अमावस्या

12 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या)

12 दिसंबर 2023 को मार्गशीर्ष अमावस्या का पर्व है। इस अमावस्या का व्रत रखा जाता है। इस दिन गंगा स्नान करना या अथवा किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन जप-तप करने एवं दान करने का भी विधान है। मान्यता इस दिन ऐसा करने से सारे पितृ दोष दूर होते हैं और शनि की महादशा से राहत मिलती है।


धनु संक्रांति/विनायक चतुर्थी/खरमास आरंभ

16 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि)

धनु संक्रांति के दिन सूर्यदेव वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं और इसी दिन से खरमास का आरंभ होता है। खरमास के बारे में यह मान्यता है कि इस दिन कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। 16 दिसंबर को विनायक चतुर्दशी चतुर्थी भी है।


विवाह पंचमी

17 दिसंबर 2023 (शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि)

विवाह पंचमी के दिन ही प्रभु श्रीराम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था। इस कारण यह दिन बेहद शुभ माना जाता है, और इस दिन किसी भी मांगलिक कार्य को करना बेहद शुभ माना जाता है।


चंपा षष्ठी/सुब्रमण्यम षष्ठी/स्कन्द षष्ठी

18 दिसंबर 2023 (मार्ग शीर्ष शुक्ल पक्ष षष्ठी)

18 दिसंबर 2023 को चंपा षष्ठी, सुब्रमण्यम षष्ठी और स्कन्द षष्ठी के व्रत रखे जाते हैं।


मासिक दुर्गा अष्टमी

20 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि))

मासिक दुर्गा अष्टमी का यह पर्व हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन होता है। इस दिन माँ दुर्गा के नाम पर व्रत रखा जाता है। यह दिन आदिशक्ति माँ दुर्गा के लिए समर्पित होता है। दिसंबर में मासिक दुर्गाष्टमी 20 दिसंबर 2023 को है।


गीता जयंती/मोक्षदा एकादशी

22 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि)

22 दिसंबर 2023 को गीता जयंती का पर्व है। यह पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। यह मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।

इसी दिन मोक्षदा एकादशी का पर्व भी मनाया जाता है। मोक्षदा एकादशी मोक्ष प्राप्त करने वाला व्रत है। इस दिन ये व्रत रखने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है इस दिन मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की जाती है और रात भर जागकर उनकी आराधना की जाती है। इससे सारे पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग सुगम होता है। मोक्षदा एकादशी को वैकुंठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।


मत्स्य द्वादशी

23 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि)

23 दिसंबर को मत्स्य एकादशी का पर्व मनाया जाता है।


मासिक कार्तिगाई

24 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि)
24 दिसंबर 2023 को मासिक कार्तिगाई का पर्व मनाया जाएगा।

द्वितीय प्रदोष व्रत

25 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि)

25 दिसंबर 2023 को शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है। यह दिसंबर माह का दूसरा प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है तथा उनके नाम पर व्रत रखा जाता है। सूर्यास्त के बाद यानि शाम को समय शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है। जिससे समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसी दिन रोहिणी व्रत भी रखा जाता है।


दत्तात्रेय जयंती/त्रिपुर भैरवी जयंती/अन्नपूर्णा जयंती

26 दिसंबर 2023 (मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि)

26 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। इस दिन दत्तात्रेय जयंती, त्रिपुर भैरवी जयंती और अन्नपूर्णा जयंती हैं।

दत्तात्रेय भगवान को तीन देवों भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का मिश्रित रूप माना जाता है। इस दिन भगवान दत्तात्रेय भगवान की आराधना की जाती है। इसी दिन माँ आद्याशक्ति के एक रूप त्रिपुर भैरवी के नाम पर भी व्रत रखा जाता है। माँ अन्नपूर्णा जो समस्त धन-धान्य को पूर्ण करने वाली हैं। इस दिन उनकी जयंती के उपलक्ष्य में भी व्रत रखा जाता है। इस दिन जप-तप-दान आदि करने का विधान है। गंगा नदी अथवा अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है।


पौष मास आरंभ

27 दिसंबर 2023 (पौष कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि)

जाएंगे इन पर्वों पर पूजा जब तक और ध्यान आदि किए जाते हैं तथा दान आदि किए जाते हैं 27 दिसंबर मंडल पूजा कुछ आराम भी इसी दिन पोस्ट मास्क का आरंभ भी हो जाता है 28 दिसंबर गुरु पुष्य योग्य 30 दिसंबर का सूरत संकस संकष्टी चतुर्थी


मंडला पूजा/पौष मास का आरंभ

27 दिसंबर 2023 (पौष कृष्ण पक्ष प्रथमा तिथि)

27 दिसंबर से पौष मास का आरंभ होने वाला है। 27 दिसंबर को ही मंडला पूजा है। मंडला पूजा के दौरान कठोर व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्तगण स्नान आदि कर अपने इष्ट देव के नाम पर व्रत रखते हैं।

मंडला पूजा दक्षिण भारत में विशेष रूप से की जाती है। इस दिन से मंडला पूजा का आरंभ होता है और 41 दिन तक भक्त व्रत रखता है। मंडला पूजा विशेष रूप से केरल में बहुत अधिक की जाती है। यह 41 दोनों का कठोर तप अनुष्ठान होता है। इसमें दिसंबर माह में 27 दिसंबर 2023 बुधवार के दिन से  मंडला पूजा का आरंभ होने वाला है।


अखुरथ संकष्टी चतुर्थी

30 दिसंबर 2023 (पौष कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि)

30 दिसंबर 2023 को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी है। इसे गणेश संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन यह व्रत पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है तथा भगवान गणेश के नाम पर व्रत रखा जाता है। भगवाान गणेश समर्पित इस दिन को उनको प्रसन्न करने के लिए उनकी विशेष पूजा-आराधना की जाती है।


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