Sunday, March 3, 2024

गीताप्रेस की वेबसाइट पर रामचरित मानस का फ्री वर्जन कुछ दिनों तक पढ़ने के लिए आनलाइन उपलब्ध है।

राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के इस समय में रामचरित मानस की बेहद मांग होने के कारण गीता प्रेस के वेबसाइट पर रामचरित मानस (Ramcharit Manas) का आनलाइन वर्जन फ्री में उपलब्ध है…

रामचरित मानस (Ramcharit Manas) का डिजिटल वर्जन गीता प्रेस की वेबसाइट पर निःशुल्क पढ़ सकते हैं।

अयोध्या में राम मंदिर में रामलाल की मूर्ति की का 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। रामलाल के मंदिर रामलाल के मंदिर के भव्य उद्घाटन कि इस अवसर पर पूरे देश में राम में वातावरण हो गया है। इस वातावरण में लोग धार्मिक भावनाएं अपने चरम पर हैं। लोग रामचरितमानस में बेहद रूचि रख रहे हैं और रामचरितमानस की मांग अत्यधिक बढ़ गई है।

गीता गोरखपुर की गीता प्रेस धार्मिक पुस्तकों के प्रशासन में अग्रणी प्रकाशन संस्थान है। जिसने अभी तक भारतीय सनातन संस्कृति से संबंधित लाखों सा पुस्तकों का प्रकाशन किया है।

राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा वाले इस राममय वातावरण में गोरखपुर की गीता प्रेस में भी रामचरितमानस के मांग के आर्डर दिन-ब-दिन बढ़ती जा रहे हैं और गीता प्रेस को इन सभी ऑर्डर की पूर्ति करना मुश्किल हो गया है। गीता प्रेस की तरफ से जारी गई की गई सूचना के अनुसार गीता प्रेस को लगभग हर महीने रामचरित मानस की डेढ़ लाख प्रतियों की मांग हो रही हैं।

उनका कहना है कि वह औसतन 75000 प्रश्न हर महीने चाहते थे। ऑर्डर के कारण उन्होंने इसकी सीमा बढ़ाकर 1 लाख कर दी है, लेकिन उसके बावजूद भी वह सब की मांग को पूरा नहीं कर पा रहे। उनके पास रामचरितमानस का स्टॉक खत्म हो गया है और अब वह अपने स्टॉक को बढ़ाने के लिए रिसोर्स बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं और उसमें समय लग रहा है।

लोगों की बढ़ती मांग रामचरितमानस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी वेबसाइट पर रामचरितमानस का ऑनलाइन वर्जन निशुल्क उपलब्ध कराया है, जो इस रामचरितमानस के इस डिजिटल वर्जन को गीता प्रेस की वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।

यह ऑनलाइन फ्री वर्जन अगले 15 दिनों तक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे। जब तक वह रामचरितमानस की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन नहीं जुटा लेते।

श्रद्धालु गीता प्रेस की वेबसाइट पर रामचरितमानस का निशुल्क वर्जन पढ़ सकते हैं। रामचरितमानस का यह डिजिटल वर्जन हिंदी, अंग्रेजी सहित गुजराती, मराठी, बांग्ला, तमिल, तेलगु, कन्नड़, मलयालम जैसी अन्य भारतीय भाषा में उपलब्ध है।

वेबसाइट गीता प्रेस की वेबसाइट पर विजिट करते ही रामचरितमानस का ऑनलाइन वर्जन पढ़ने का विकल्प की विंडो ओपन हो जाएगी।

श्रद्धालु वेबसाइट पर विजिट करके रामचरितमानस को फ्री में पढ़कर अपनी धार्मिक आस्था की संतुष्टि कर सकते हैं।

https://www.gitapress.org/


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सनातन परंपरा के लिए समर्पित हैं, डॉ. कुलदीप एम. पै और उनका यूट्यूब चैनल


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