अहो! मधुरा एषा प्रभातवेला । एषः प्रातःकालीन: रविः अस्ति । रवि: आकाशे उदयति । नश्यति । रवे: सुन्दरं बिम्बं कस्य चित्तं न हरति ! सूर्योदये चटका: कूजन्ति । पक्षिणः कलरवं कुर्वन्ति । पशवः इतस्ततः भ्रमन्ति। सर्वे जीवाः संलग्नाः भवन्ति । जनाः रविं नमन्ति। अन्ये च रवये अर्घ्यम् यच्छन्ति । रविणा एव प्राणि आगच्छति। आश्चर्यम्, रवेः एव चन्द्रादिनक्षत्राणि प्रकाशम् विन्दन्ति । धन्यः एषः रविः । हे रवे! वयम् नमामः गायामः च। हिंदी में अनुवाद करें।

हिंदी अनुवाद :

ओह! यह एक मधुर सुबह है। यह सवेरे का सूरज है। सूरज आकाश में उगता है। डूबता है। सूर्य की सुंदर छवि किसे प्रिय नहीं होती! सूर्योदय के समय गौरेया कूकती हैं। चिड़ियाँ चहचहा रही हैं। जानवर इधर-उधर विचरण कर रहे हैं। सभी जीव अपने कार्य में व्यस्त हैं। लोग सूर्य को नमन करते हैं। अन्य लोग सूर्य को अर्घ्य देते हैं। सूर्य के द्वारा ही प्राण यानि जीवन आता है। आश्चर्य! सूर्य ही है जो चंद्रमा और अन्य तारों को प्रकाश देता है। धन्य है यह सूर्य। हे रवि! हम आपके सामाने झुकते हैं, और आपके स्तुति गाते हैं।

 

Partner website…

miniwebsansar.com

 

ये भी देखें…

वे सब खेल रहे हैं। हम दोनों खा रहे हैं। सीता लिख रही है। संस्कृत अनुवाद​

खेल भी एक कला है, इसलिए बताने वाला तो चाहिए ही-आशय स्पष्ट करो।

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए − कानून सम्मत तो यही है….. कि सब लोग अब बराबर हैं।

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए − कानून सम्मत तो यही है….. कि सब लोग अब बराबर हैं।

Leave a Comment