प्राकृतिक सौंदर्य के अलौकिक आनंद में डूबी लेखिका को कौन−कौन से दृश्य झकझोर गए?


Updated on:

सिक्किम के अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर लेखिका एक अलौकिक आनंद का अनुभव कर रही थी और उसे एक जादुई एहसास हो रहा था, लेकिन इसी आनंद में सिक्किम के जनजीवन के कुछ कठोर और झकझोर देने वाले दृश्य भी दिखे। उसने देखा कि सिक्किम की कुछ मेहनतकश औरतें रास्ता बनाने के लिए पत्थरों पर बैठकर कुदाल से पत्थर तोड़ रही हैं। वह पत्थरों को तोड़कर सँकरे रास्ते को चौड़ा कर रही थीं। लेखिका ने देखा कि सिक्किमी युवतियां बोकू परिधान पहने हुए चाय की पत्तियां तोड़ रही थीं और कठोर परिश्रम कर रही थी।
लेखिका ने सिक्किम के बच्चों को ऊंची चढ़ाई चढ़ते हुए अपने विद्यालय जाते हुए भी देखा। उसने यह भी देखा कि यह बच्चे वापस आकर अपनी माँ के साथ मवेशी चराते हैं, पानी भरते और अपनी माँ के हर काम में हाथ बंटाते है।
सिक्किम के पहाड़ी लोगों के कठोर परिश्रम प्राकृतिक सौंदर्य के बीच अपने जीवन यापन के लिए यह कठोर परिश्रम और जीवन के संघर्ष के दृश्य ने लेखिका झकझोर दिया।

 

पाठ के बारे में…

‘साना साना हाथ जोड़ि’ यह पाठ ‘मधु कांकरिया’ द्वारा लिखा गया एक यात्रा वृतांत है, जिसमें उन्होंने सिक्किम की अपनी यात्रा का वर्णन किया है। इस यात्रा वृतांत में उन्होंने सिक्किम के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया है और सिक्किम में जितने दिन उन्होंने बिताए, उन अनुभवों को साझा किया है। जितेन नार्गे नामक एक गाइड की यात्रा में उनका मार्गदर्शन कर रहा था।
मधु कांकरिया प्रसिद्ध हिंदी लेखिका रही हैं। जिनका जन्म 1957 में कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अनेक यात्रा वृतांत, कहानि, उपन्यास आदि की रचना की है। उनकी प्रमुख रचनाओं में पत्ता खोर (उपन्यास), सलाम आखरी, खुले गगन के लाल सितारे, बेचते हुए, अंत में यीशु (कहानी संग्रह) आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा उन्होंने कई यात्रा वृतांत भी लिखे हैं।

संदर्भ पाठ :

“साना-साना हाथ जोड़ि” – मधु कांकरिया (कक्षा – 10, पाठ – 3, हिंदी, कृतिका भाग -2)

 

इस पाठ के अन्य प्रश्न उत्तर…

देश की सीमा पर बैठे फ़ौजी किस तरह की कठिनाइयों से जूझते हैं? उनके प्रति हमारा क्या उत्तरदायित्व होना चाहिए?

प्रकृति ने जल संचय की व्यवस्था किस प्रकार की है?

कटाओ’ पर किसी भी दुकान का न होना उसके लिए वरदान है। इस कथन के पक्ष में अपनी राय व्यक्त कीजिए?

प्रदूषण के कारण स्नोफॉल में कमी का जिक्र किया गया है? प्रदूषण के और कौन − कौन से दुष्परिणाम सामने आए हैं, लिखें।

आज की पीढ़ी द्वारा प्रकृति के साथ किस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है। इसे रोकने में आपकी क्या भूमिका होनी चाहिए।

“कितना कम लेकर ये समाज को कितना अधिक वापस लौटा देती हैं।” इस कथन के आधार पर स्पष्ट करें कि आम जनता की देश की आर्थिक प्रगति में क्या भूमिका है?

सैलानियों को प्रकृति की अलौकिक छटा का अनुभव करवाने में किन−किन लोगों का योगदान होता है, उल्लेख करें।

प्रकृति उस अनंत और विराट स्वरूप को देखकर लेखिका को कैसी अनुभूति होती है?

इस यात्रा − वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन − जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।

जितेन नार्गे की गाइड की भूमिका के बारे में विचार करते हुए लिखिए कि एक कुशल गाइड में क्या गुण होते हैं?

लोग स्टॉक में घूमते हुए चक्र को देखकर लेखिका को पूरे भारत की आत्मा एक−सी क्यों दिखाई दी?

जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति, वहाँ की भौगोलिक स्थिति एवं जनजीवन के बारे में क्या महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, लिखिए।

कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?

गंतोक को ‘मेहनतकश बादशाहों का शहर’ क्यों कहा गया?

झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को किस तरह सम्मोहित कर रहा था?

 

हमारी सहयोगी वेबसाइटें..

mindpathshala.com

miniwebsansar.com

Our Score
Click to rate this post!
[Total: 0 Average: 0]

1 thought on “प्राकृतिक सौंदर्य के अलौकिक आनंद में डूबी लेखिका को कौन−कौन से दृश्य झकझोर गए?<div class="yasr-vv-stars-title-container"><div class='yasr-stars-title yasr-rater-stars' id='yasr-visitor-votes-readonly-rater-a6a3064f71d56' data-rating='0' data-rater-starsize='16' data-rater-postid='4114' data-rater-readonly='true' data-readonly-attribute='true' ></div><span class='yasr-stars-title-average'>0 (0)</span></div>”

Leave a Comment