Monday, June 24, 2024

अटल सेतु मुंबई से नवी मुंबई के बीच भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है, जो 22 किलोमीटर लंबा है।

भारत के समुद्री पुल (Atal Setu Mumbai to Navi Mumbai) का उद्घाटन हो गया है। भारत का सबसे समुद्री पुल मुंबई से नवी मुंबई के बीच बना है। इसकी विशेषताएं जानते हैं..

अटल सेतु भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल (Atal Setu Mumbai to Navi Mumbai)

समुद्री पुल अटल सेतु का उद्घाटन हो गया है। यह समुद्र में बना हुआ भारत का सबसे लंबा पुल है, जिसकी लंबाई 22 किलोमीटर है।

भारत का यह सबसे लंबा समुद्री पुल मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने का काम करेगा। यह पल मुंबई और नवी मुंबई के बीच-बीच समुद्र में बना हुआ है। 22 किलोमीटर लंबे इस पुल का 16.5 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह समुद्र में है और 5.5 किलोमीटर हिस्सा भूमि पर बना हुआ है।

इस पुल का आधिकारिक नाम ट्रांस हार्बर लिंक अटल सेतु है। भारत का यह सबसे लंबा समुद्री पुल अद्भुत इंजीनियरिंग का क पुल है। इस पुल पर कुल लागत 17840 करोड रुपए लगी है।

स्कूल के बन जाने के बाद से मुंबई और नवी मुंबई के बीच की दूरी 2 घंटे से सीमेंट कर केवल 20 मिनट रह जाएगी अर्थात जिस नवी मुंबई से मुंबई या मुंबई से नवी मुंबई पहुंचने के लिए 2 घंटे लगते थे, अब केवल 20 मिनट में मुंबई से नवी मुंबई या नवी मुंबई से मुंबई पहुंचा जा सकेगा।

अटल सेतु की विशेषताएं इस प्रकार हैं…

  • मुंबई से नवी मुंबई के बीच बने इस पुल का आधिकारिक नाम मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमडीएचएल) अटल सेतु है।
  • इस पुल की लागत 17840 करोड रुपए लगी है।
  • इस पुल पर केवल मोटरसाइकिल, स्कूटर जैसे दो पहिया वाहन, तथा ऑटो रिक्शा और ट्रैक्टर नहीं चल सकेंगे। बड़े-बड़े भारी वाहन जैसे ट्रक और ट्रेलर भी इस पुल पर नहीं चल सकेंगे।
  • इस पुल पर केवल कार, टैक्सी, हल्के मोटर वाहन, मिनी बस और टू-एक्सल बस जैसे वहां ही चल सकेंगे।
  • वाहनों की अधिकतम समय स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, लेकिन पुल के चढ़ने और उतरने पर गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे सीमित की गई है।
  • यह पुल मुंबई के शिवरी से शुरू होकर नवी मुंबई के रायगढ़ जिले के उरण तालुका के न्हावा शेवा में जाकर खत्म होगा। यह क्षेत्र नवी मुंबई के अंतर्गत आता है।
  • इस पुल से 2 घंटे की दूरी केवल 20 मिनट में तय की जा सकेगी।
  • इस पुल को बनाने में लगभग 18840 करोड़ की लागत आई है।
  • इस पुल पर लगभग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने 400 कैमरे लगाए गए हैं।
  • सर्दी में आने जाने वाले फ्लेमिंग को पक्षियों के कारण इस पुल के किनारे साउंड बैरियर भी लगाए गए हैं।
  • नवी मुंबई जाते समय रास्ते में ही भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर पड़ेगा तो उसकी तस्वीर ना ले जा सकें और उसकी सुरक्षा हो सके, इसके लिए व्यू बैरियर भी लगाए गए हैं।
  • इस पुल पर ऐसी लाइट लगी है, जो केवल ब्रिज पर ही अपनी रोशनी बिखेरेंगी और समुद्री जीवों पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • इस पुल के निर्माण में लगभग 177903 मेट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है।
  • इस पुल को बनाने में 504253 मिट्टी से सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है।
  • इस पुल पर केवल जो एक्सेल पॉइंट होंगे, जिनमें एक एरोली-मुलुंड कनेक्टर और दूसरा वाशी कनेक्टर होगा।
  • यह पुल मुंबई के शिवरी इलाके से शुरू होगा और रायगढ़ जिले के उरण तालुका के न्हावा शेवा में जाकर खत्म होगा।
  • इस पुल पर यात्रा करने के लिए ₹250 का वन-वे शुल्क देना होगा और दोनों तरफ का शुल्क ₹375 होगा।
  • यदि मंथली पास बनाना है तो ₹12500 लगेंगे।
  • जल्दी ही इस पुल को सुरंग के जरिये मुंबई के मैरीन ड्राइव से जोड़ा जाएगा। जिसकी परियोजना का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है।

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